Self Improvement

सोचने का नजरिया कैसे बदलें !

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि जब लोग में ज्यादा सोचने समझने कि शक्ति या ज्यादा Talent आ जाता है तो वह खुद पर अहंकार करने लग जाते है। उनको सिर्फ “मै और मै” करने की आदत बन जाती है। उनको खुद पर इतना घमंड हो जाता है कि उन्हें खुद के अलावा कोई नहीं दिखता है। उनको ऐसा लगता है कि मेरे से समझदार और सुशिल इस दुनिया में कोई है ही नहीं। ऐसे लोग दूसरे को बहुत कम अहमियत देते है। जब किसी व्यक्ति पर अहंकार हावी हो जाता है , तब ऐसा लगता है कि उसको किसी की जरुरत नहीं है। वो खुद को सर्वोपरि मानते है। लेकिन ऐसे करके वह सिर्फ खुद को ही नुकसान पहुंचाते है। वह भूल जाते है कि उनका एक न एक दिन पतन होगा और वह आकाश से धरती पर गिरेंगे ।

बचपन में हम सबने मशहूर कहानी पढ़ी थी कि एक खरगोश और कछुए में दौड़ की किस प्रकार Competition हुई थी और खरगोश अपने अहंकार की वजह से कछुए को पेड़ के अंतिम छोर तक पहले पहुंचने की चुनौती दी। लेकिन उसका अतिआत्मविश्वास और अहंकार इतना ज्यादा था कि उसे ले डूबा और  कछुआ निरंतर धीरे-धीरे चलता रहा और मंजिल पर पहुंच गया और विजेता बन गया।

जीवन में आपको कुछ भी पाना है तो संतोष से, विनम्रता से और झुककर प्राप्त कर सकते है । जिसके पैसे हैं दौलत हैं शोहरत हैं उसके पास ही अहंकार है। इंसान दिखावे में यकीन रखता है। ऐसे में अगर बचपन को याद करें तो हमें सादगी का एक वह सपाट मैदान दिखाई देता है जहां ऊंच – नीच और नफरत की सारी दीवारें  दूर-दूर तक नहीं दिखाई देती है। जीवन की बुनियाद बचपन ही है, लेकिन भविष्य में पहुंचकर इसी बचपन में सीखी हुई तमाम बातों को लोग  भुला देते हैं।




आइए जानते है अहंकार को कैसे खुद पर हावी न होने दे :
  • अपने करीबी से अपने बारे में राय लें :

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दफ्तर या आसपास, जो भी आपके करीबी हो, उनसे अपने बारे में राय लें यह जानने की कोशिश करें कि बाकी लोग आपके बारे में क्या सोचते है ,जब आप पर अहंकार हावी होता है, तब बाकी लोगों को इसके बारे में तुरंत पता चल जाता है। अपने करीबियों और दोस्तों से खुल कर बात करें। जानने कि कोशिश करें कि बाकि लोग वो आपके बारे में क्या सोचते है। अगर आपको प्रतिक्रिया मिल रही है कि आपमें अहंकार है तो इसे दूर करने की कोशिश में लग जाएं।

 

  • अपने नजरिये में बदलाव करें :

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जब भी कोई व्यक्ति अपने करियर में अच्छा कर रहा होता है, तब उसे लगता है कि वह ही दुनिया का सबसे होशियार आदमी है। वह ऐसा मानने लगता है कि उसे सबकुछ पता है। यह होशियारी धीरे-धीरे अहंकार में बदल जाती है। यहां होशियार होने का मतलब सबकुछ पता होने से नहीं है। बल्कि इसका मतलब  है कि आपको जो पता नहीं है, उसे सीखना चाहिए । आपमें सही सवाल पूछने और उसके उसके जवाब को जांचने की आदत होनी चाहिए। जो नहीं पता, उसे विनम्रता के साथ स्वीकार करें और सीखने की आदत डालें। कभी भी कुछ पूछने या सिखने के लिए किसी की मदद लेना चाहिए क्योंकि मदद लेने से आप छोटे नहीं बन जाते।



  • दूसरों की गलतियों से सबक लें :

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अगर आप चाहते है कि अहंकार आप पर हावी न हो पाए तोआपको दूसरे की गलतियों से भी सीखना चाहिए। लोगों का अंहकार नजर आता है। ऐसे लोगों के स्वाभाव को देखें समझे। इस तरह आप जान सकते है कि की वजहों से लोग उसे पसंद नहीं कर रहे है। कोशिश करें कि आप उन गलतियों को बिलकुल भी ना करें।


  • आज में रहना चाहिए :

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आप बीते हुए कल में भी काफी अच्छा कर रहे थे या आने वाले कल में खुद को करियर की ऊंचाइयों पर देख रहे है। इन दोनों परिस्थियों को लेकर बार-बार सोचने से अहंकार आप पर हावी होने सकता है। जिसकी वजह से आपका यह आपके वर्तमान को खराब कर सकता है। इसलिए वर्तमान में रहने की कोशिश करें, इससे आप शांत रहेंगे और अंहकार भी आप पर हावी नहीं होगा।

 

  • रोजाना खुद का analysis करे :

    analysis-stayreading

खुद का मूल्यांकन करके आप अपने को काफी बेहतर बना सकते है। इसके लिए आप विनम्रता, खुले दिमाग से काम करने की क्षमता, सहानुभूति, एक अच्छा श्रोता, आराम से बात करना व मिल-जुलकर काम करने जैसी अदातों को लेकर अपना मूल्यांकन करें। जब किसी मीटिंग में शामिल होते है तो उसमे अपना व्यावहार कैसा रहा ? अपने व्हवहार की इस तरह की समझ से आप अहंकार को दूर कर सकते है।



 

  • खुद को सर्वोत्तम समझना बंद करें:

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एक अहंकारी व्यक्ति खुद को गलत होने के बावजूद सही समझता है और किसी भी काम या ज्ञान के मामले में दूसरों को अपने से कम आंकता है और दूसरों को अपने सामने निचा दिखाता है। ऐसा में वह खुद को सर्वोत्तम समझने लगता है और इस वजह से समाज उनसे अपने आप ही दूरी बनाने लगता है। दुनिया में हर व्यक्ति किसी चीज में कमतर और किसी चीज में बेहतर होता है। लेकिन कोई भी सर्वोत्तम नहीं होता, इस बात को अगर आप समझ गए तो आपके अपने आपसे दूर नहीं होंगे।

 

  • हमेशा जीतने की भावना न रखें :

    win-stayreading

बहुत से रिश्ते सिर्फ इस फर्क को ना समझने की वजह से खत्म हो जाते हैं। आपकी हर विवाद में जीतने की या खुद को सही साबित करने की कोशिश आपके रिश्तों को कमजोर कर सकती है और आपको दुखी कर सकती है। इसलिए आपको स्वस्थ तरीके से विवाद को सुलझाना चाहिए और अगर आप गलत हैं तो अपनी गलती मान लेनी चाहिए।




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