• चाणक्य से सीखिए Business tips !

    दोस्तों ! Business तो आज के समय में हर कोई करना चाहता है क्योंकि हर कोई चाहता है कि अपनी भी life ऐश-ओ -आराम से हो। अपनी सारी सुख सुविधाएं पूरी हो। इसी तरह Over-Excitement के साथ हर कोई Business तो start कर देता है लेकिन उनमे से कुछ लोगों का ही Business Success हो पता है। क्योंकि बिना Principle और Planning के Business की Growth कर पाना Impossible है। इसलिए जो लोग बिना Principle और Planning के business शुरू कर देते हैं, उन्हें असफलता का सामना करना ही पड़ता है। दोस्तों ! आपने चाणक्य का नाम तो सुना ही होगा जिनकी नीतियां विश्वभर में विख्यात है। चाणक्य एक ऐसी महान अर्थशास्त्री, कुशल राजनीतिज्ञ और चतुर कूटनीतिज्ञ थे , जिन्होंने अपनी विद्वत्ता और क्षमताओं के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को ही बदल दिया। इतनी सदियां गुजरने के बाद भी चाणक्य की नीतियों को आज भी Business में Success

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    Chanakya Neeti in Hindi & English (चाणक्य नीति) – Chapter: 03

    1. इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है ! सदा सुख किसको रहता है? In this world, whose family is there without blemish? Who is free from sickness and grief? Who is forever happy? 2. मनुष्य के कुल की ख्याति उसके आचरण से होती है, मनुष्य के बोल चाल से उसके देश की ख्याति बढ़ती है, मान सम्मान उसके प्रेम को बढ़ता है, एवं उसके शारीर का गठन उसे भोजन से बढ़ता है। A man’s descent may be discerned by his conduct, his country by his pronunciation of language, his friendship by his warmth and glow, and his capacity to eat by his body. 3. लड़की का ब्याह अच्छे खानदान मे करना चाहिए। पुत्र को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए, शत्रु को आपत्ति और कष्टों में डालना चाहिए, एवं मित्रों को धर्म कर्म में लगाना चाहिए।

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    Chanakya Neeti in Hindi & English (चाणक्य नीति) – Chapter: 02

    1. झूठ बोलना, कठोरता, छल करना, बेवकूफी करना, लालच, अपवित्रता और निर्दयता ये औरतो के कुछ नैसर्गिक दुर्गुण है। Untruthfulness, rashness, guile, stupidity, avarice, uncleanliness and cruelty are a woman’s seven natural flaws. 2.भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन करने की क्षमता, सुन्दर स्त्री और उसे भोगने के लिए काम शक्ति, पर्याप्त धनराशी तथा दान देने की भावना – ऐसे संयोगों का होना सामान्य तप का फल नहीं है। To have ability for eating when dishes are ready at hand, to be robust and virile in the company of one’s religiously wedded wife, and to have a mind for making charity when one is prosperous are the fruits of no ordinary austerities. 3. उस व्यक्ति ने धरती पर ही स्वर्ग को पा लिया : -जिसका पुत्र आज्ञांकारी है, जिसकी पत्नी उसकी इच्छा के अनुरूप व्यव्हार करती है, जिसे अपने धन पर संतोष है। He whose son is obedient to him,

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    Chanakya Neeti (चाणक्य नीति) in Hindi (Part-2)

    चाणक्य एक विख्यात और जाने मने विद्वान् थे उन होने अर्थशास्त्र पर गहन अध्यन किया था, उन्होंने अपने नीति शास्त्र के आधार पर कई पुस्तके लिखी जो चाणक्य नीति के नाम से प्रसिद्ध हुई कुछ विद्वानों के अनुसार कौटिल्य का जन्म पंजाब के ‘चणक’ क्षेत्र में हुआ था, जबकि कुछ विद्वान मानते हैं कि उसका जन्म दक्षिण भारत में हुआ था। चाणक्य (अनुमानतः ईसापूर्व 375 – ईसापूर्व 283) चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। वे ‘कौटिल्य’ नाम से भी विख्यात हैं। उन्होने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। उनके द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंन्थ है। अर्थशास्त्र मौर्यकालीन भारतीय समाज का दर्पण माना जाता है। मुद्राराक्षस के अनुसार इनका असली नाम ‘विष्णुगुप्त’ था। विष्णुपुराण, भागवत आदि पुराणों तथा कथासरित्सागर आदि संस्कृत ग्रंथों में तो चाणक्य का नाम आया ही है, बौद्ध ग्रंथो में भी इसकी कथा बराबर मिलती है। बुद्धघोष की बनाई हुई

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    Chanakya Neeti (चाणक्य नीति) in Hindi (Part-1)

    चाणक्य एक विख्यात और जाने मने विद्वान् थे उन होने अर्थशास्त्र पर गहन अध्यन किया था, उन्होंने अपने नीति शास्त्र के आधार पर कई पुस्तके लिखी जो चाणक्य नीति के नाम से प्रसिद्ध हुई कुछ विद्वानों के अनुसार कौटिल्य का जन्म पंजाब के ‘चणक’ क्षेत्र में हुआ था, जबकि कुछ विद्वान मानते हैं कि उसका जन्म दक्षिण भारत में हुआ था। चाणक्य (अनुमानतः ईसापूर्व 375 – ईसापूर्व 283) चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। वे ‘कौटिल्य’ नाम से भी विख्यात हैं। उन्होने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। उनके द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंन्थ है। अर्थशास्त्र मौर्यकालीन भारतीय समाज का दर्पण माना जाता है। मुद्राराक्षस के अनुसार इनका असली नाम ‘विष्णुगुप्त’ था। विष्णुपुराण, भागवत आदि पुराणों तथा कथासरित्सागर आदि संस्कृत ग्रंथों में तो चाणक्य का नाम आया ही है, बौद्ध ग्रंथो में भी इसकी कथा बराबर मिलती है। बुद्धघोष की बनाई हुई

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    Chanakya Neeti in Hindi & English (चाणक्य नीति) – Chapter: 01

    1. तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ। Humbly bowing down before the almighty Lord Sri Vishnu, the Lord of the three worlds, I recite maxims of the science of political ethics (niti) selected from the various satras (scriptures). 2. जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा उसे अत्यंत वैभवशाली कर्तव्य के सिद्धांत ज्ञात होगे। उसे इस बात का पता चलेगा कि किन बातों का अनुशरण करना चाहिए और किनका नहीं। उसे अच्छाई और बुराई का भी ज्ञात होगा और अंततः उसे सर्वोत्तम का भी ज्ञान होगा। That man who by the study of these maxims from the satras acquires a knowledge of the most celebrated principles of duty, and understands what ought and what ought not to

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